आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार एनएसयूआई छात्र नेत्री के हाई वोल्टेज हंगामें से हड़कंप मच गया। डीन से मिलने की जिद में उक्त छात्र नेत्री की पुलिस और कालेज स्टाफ से भी झड़पें हो गई। हालात तो जब बिगड़ गये जब दूसरे पक्ष के लोगों भी नारेबाजी करने लगे। हालांकि की अंत में डीन ने उन्हें आफिस में बुलाया और पूरी बात को सुनकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एनएसयूआई की देवकी पटेल ने आरोप लगाते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज जबलपुर में पदस्थ नर्सिंग स्टाफ ज्वाला चौकीकर को एनएसयूआई द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद वार्डन इंचार्ज से 45 दिन पूर्व हटाए जाने के बाद भी वह आज दिनांक तक अवैध रूप से हॉस्टल में कब्जे जमाए हुए हैं। उसे बाहर करने की मांग को लेकर ही वे डीन डॉ नवनीत सक्सेना के कार्यालय पहुंचे थे।
इसी दौरान नर्सिंग स्टाफ ज्वाला चाकीकर एवं लिपिक आशीष लाल द्वारा छात्राओं को डरा धमका कर डीन ऑफिस लाकर उन्हें पुनः पद में वापस रखने को लेकर नारेबाजी कराई जाने लगी। एनएसयूआई द्वारा छात्रों के बीच पहुंचकर छात्रों को समझाएं देने का प्रयास किया गया तथा उनके भ्रष्टाचार से अवगत कराया गया तो, लिपिक आशीष लाल के द्वारा संगठन पदाधिकारी से अभद्रता करते हुए शिकायत वापस लिया जाने को लेकर डराया धमकाया जाने लगा। जिस पर दोनों गुटों के बीच झड़प होने की स्थिति को भांप कर पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को अलग कराया गया। जिसके बाद एनएसयूआई द्वारा मेडिकल डीन को समस्त प्रकरण से अवगत कराया गया। डीन द्वारा जल्द ही नवीन जांच कमेटी और कड़ी कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है।

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