आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। बुधवार को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीयू) में कर्मचारियों और कुलगुरू के बीच जमकर तकरार हो गई। कर्मचारियों के आरोपों से बिफरे कुलगुरू यहां तक कह गए कि वे दबाव में काम नहीं करेंगे... इस्तीफा दे देंगे। हंगामें के चलते कुलगुरू कार्यालय में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
जानकारी के मुताबिक बुधवार की सुबह 11.30 बजे अचानक काफी बड़ी संख्या में कर्मचारी नारेबाजी करते हुए कुलगुरू डॉ. राजेश वर्मा के कार्यालय जा पहुंचे। कर्मचारियों का आरोप था कि कुलगुरू द्वारा फाइलों को समय पर हस्ताक्षर नहीं करने के चलते परेशानी हो रही है। अस्वस्थ कर्मचारियों तक की फाइलें महीनों कुलगुरू कार्यालय में पड़ी रहती है। उनका आरोप था कि पिछले दिनों इसी लेट लतीफी के चलते एक कर्मचारी की जान तक चली गई। कर्मचारी कुलगुरू की कार्यशैली पर सवाल खडेÞ करते हुए हंगामा करने लगे।
सूत्रों की मानें तो कर्मचारियों के आरोपों से कुलगुरू प्रो. वर्मा काफी आक्रोशित हो गए। तमतमाएं कुलगुरू ने साफ कह दिया कि वे दबाव में काम नहीं करेंगे... इस्तीफा दे देंगे। कुलगुरू के इतना कहते ही हंगामा और बढ़ गया, हालांकि कार्यालय में मौजूद अन्य अधिकारियों ने कर्मचारियों को शांत करते हुए उन्हें कार्यालय से बाहर ले आए। आज हुए घटनाक्रम से बात साफ है कि आरडीयू में अंदर-अंदर कर्मचारियों में बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई हैं। सबसे मजे की बात तो यह है कि आरडीयू में कर्मचारी नेताओं के दो गुट उभर आए हैं। एक गुट कुलगुरू के साथ खड़ा नजर आता है, तो दूसरा उनके विरोध में मुखर होता जा रहा है।

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