आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। जबलपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ दीपक वैद्य के साथ ईओडब्ल्यू ने आधा दर्जन पर आपराधिक षड़यंत्र रचकर छल एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय बेशकीमती संपत्ति को स्वयं के नाम नामांतरित करना एवं लोक सेवक द्वारा साक्ष्य को छिपाना और पद का दुररूपयोग करने के प्रामाणित साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के विरुद्ध धारा 409 420, 467, 468, 471, 120बी, 201 भारतीय दंड विधान एवं धारा 13 (1) 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

आरडी भारद्वाज एसपी आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने जानकारी देते हुए बताया कि जेडीए की जमीन में फर्जीवाड़ा कर सरकार को 2 करोड़ 40 लाख चपत लगाने एवं 25 लाख की स्टाम्प ड्यूटी की क्षति पहुंचाने के मामले में जेडीए के सीईओ दीपक वैद्य सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

मामले में गढ़ा मानस स्कूल के पास रहने वाली विद्याबाई प्यासी और उनके बेटे हरीश प्यासी, सौरभ प्यासी, प्रवीण प्यासी और आशीष प्यासी को भी आरोपी बनाया गया है। गौरतलब है कि पूर्व में संजीवनी नगर थाना में विद्याबाई और उसके बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया जा चुका है।

ईओडब्ल्यू को गढ़ा निवासी अशोक प्यासी द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि कछपुरा में योजना क्रमांक 6 और 41 की कुछ जमीन को जेडीए द्वारा अधिग्रहित किया गया था। इसके एवज में जेडीए ने भू-स्वामियों को 2 करोड़ 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया था। जेडीए इस जमीन के दस्तावेजों में अपना नाम नहीं चढ़वा पाई, इस दौरान विद्या बाई और उनके बेटों ने जेडीए अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर अधिग्रहित की गई जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए और जमीन को बेच दिया गया।

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