बेलबाग पुलिस ने बताया कि अनुविभागीय दंडाधिकारी तहसील रांझी ने आवेदन में बताया कि 6 फरवरी 2025 को एमपी आॅनलाइन संचालक जुबेर मलिक मंसूरी की दुकान को शील बंद किया गया था। जुबेर मलिक मंसूरी द्वारा अनाधिकृत रूप से ट्रेस पास कर साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ एवं शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई है।
आरोपी जुबेर मलिक मंसूरी के विरूद्ध धारा 329(4),238,221 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। जानकारी के मुताबिक घमापुर चौराहा स्थित मलिक एसोशियेट संचालक जुबेर मलिक मंसूरी की एमपी ऑनलाइन की दुकान में फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनाए जाने की शिकायत अधिकारियों को मिली थी।
शिकायत के संज्ञान में आने पर अनुविभागीय अधिकारी अधारताल और रांझी ने पुलिस की मौजूदगी में प्राथमिक जांच की। जांच दौरान जुबेर मलिक द्वारा संचालित दुकान में कई स्कूलों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर युक्त कोरी दाखिल खारिज पंजी एवं जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने हेतु पंजी रजिस्टर पाए गए थे।
मौके पर आपरेटर बुलबुल अख्तर निवासी बड़ी ओमती दुकान पर थी। बुलबुल ने जांच अधिकारियों को बताया कि दुकान संचालक जुबेर मलिक नासिक गए हुए हैं। संचालक नहीं होने के कारण दुकान को संदिग्ध दस्तावेजों सहित ताला-सील कर पंचनामा तैयार किया गया था।
जांच टीम कल फिर पहुंची तो मिली गड़बड़ी-
संचालक जुबेर मलिक मंसूरी के साथ पुलिस और राजस्व विभाग की टीम जांच के लिए कल बुधवार को दुकान पहुंची। टीम ने दुकान में लगी सील खोली तो देखा कि स्कूलों में दाखिल-खारिज के खाली प्रारूप, पंजी रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेज दुकान से गायब हैं। संदेह के आधार पर जुबेर मलिक से हुई पूछताछ में उसने बताया कि उसने दस्तावेजो को पीछे लगी खिड़की से निकाल लिया है। दुकान का निरीक्षण करने पर कांच की खिड़की में स्क्रेचेस जांच दल को मिले हैं।
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