आर्य समय संवाददाता जबलपुर। जून माह में बिजली के फ्यूल सरचार्ज पर की जा रही पावर मैनेजमेंट एवं कम्पनियों द्वारा उपभोक्ताओं से वसूली का मामला तूल पकड़ रहा है। खास बात यह है कि इसमें नियामक आयोग की भूमिका तक डाउटफुल है जिसने आखिरी तारीख तक बीत जाने के बाद सत्यापन नहीं किया है। इसके चलते अनेक संगठन पहले से आवाज उठा रहे हैं। इसी क्रम में अब नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने आयोग को ई-मेल भेज कर जून के फ्यूल सरचार्ज से बिजली दाम वसूलने पर रोक लगाने मांग उठाई है।

यह है मामला

दरअसल मंच के मुताबिक विद्युत नियामक आयोग द्वारा विगत 17 मार्च 2023 को प्रकाशित रेग्युलेशन 9.8 के तहत फ्यूल सरचार्ज से वसूले गए राजस्व का सत्यापन अगले वर्ष 30 जून तक किया जाना था। इसके बाद भी वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह सत्यापन किया नहीं गया है। इसलिए विद्युत अधिनियम 2003 के मुताबिक रेग्युलेशन के उल्लंघन पर बिजली कम्पनियां कार्रवाई करें। पावर मैनेजमेंट कम्पनी के जून माह के फ्यूल सरचार्ज का आदेश विगत 24 जून को जारी होकर अब तक 15 दिन बीत गए हैं। इसके बावजूद नियामक आयोग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इसका नतीजा इसका भार उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है जिससे आक्रोश पनप रहा है।

अनदेखी की या दिखा नहीं

मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे के अनुसार बिजली कम्पनियों ने रेग्युलेशन 9.13 के तहत जून का फ्यूल सरचार्ज दो माह पहले पूर्व के अप्रेल माह के बिजली खरीदी एवं सप्लाय के आंकड़ों पर निर्धारित किया है लेकिन रेग्युलेशन के 9.2 की अनदेखी कर दी है जबकि इसमें स्पष्ट निर्देश है कि जब तक पुराने आर्थिक वर्ष में वसूले राजस्व का सत्यापन नहीं होगा तब तक नए आर्थिक वर्ष में फ्यूल सरचार्ज निर्धारित नहीं किया जाएगा।