आर्य समय संवाददाता जबलपुर। भारतीय सेना के मध्यभारत एरिया के 200 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य भारत एरिया के सभी अधिकारियों, जूनियर कमीशन अधिकारियों, अन्य रैंक्स और सभी सिविल कर्मचारियों द्वारा आज 4 नवंबर को जबलपुर मिलिट्री स्टेशन पर स्थापना दिवस मनाया गया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यालय मध्य भारत एरिया की स्थापना 1 अगस्त 1824 को सागर में मेजर जनरल जे अर्नोल्ड (ब्रिटिश अधिकारी) द्वारा सागर डिवीजन के रूप में की गई थी। इसके बाद, सैन्य संबद्धता में बदलाव और भारतीय राज्यों के पुनर्गठन के कारण पिछले कई दशकों में डिवीजन के पदनामों और स्थानों में कई बदलाव हुए, जैसे कि जुबुलपुर ब्रिगेड, जुबुलपुर स्वतंत्र एरिया और मध्य प्रदेश स्वतंत्र एरिया के रूप में हुआ।

अंततः 4 मार्च 2002 को इसे मुख्यालय मध्य भारत एरिया का वर्तमान पदनाम प्राप्त हुआ। इस मुख्यालय के अंतर्गत सैन्य और रक्षा प्रतिष्ठान फील्ड एरिया में तैनात भारतीय सेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारतीय सेना के लगभग 1/4 अग्निवीरों को मध्य भारत एरिया के तत्वावधान में प्रशिक्षित किया जाता है।

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इसके अलावा, कई प्रमुख प्रशिक्षण प्रतिष्ठान अधिकारियों से लेकर जवानों तक सभी रैंकों को प्रशिक्षित करते हैं जिन्हें एमबी एरिया द्वारा प्रशासनिक सहायता दी जाती है।दो शताब्दी की इस उपलब्धि को जबलपुर मिलिट्री स्टेशन में कई भव्य और यादगार कार्यक्रमों के साथ चिह्नित किया गया।

समारोह की शुरुआत भारतीय सेना के वीर शहीदों के सम्मान में पुष्पांजलि समारोह के साथ हुई। मध्य भारत एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस समारोह में मुख्यालय के कई महत्वपूर्ण भूतपूर्व जनरल अफसर कमांडिंग एवं चीफ ऑफ़ स्टाफ भी शामिल हुए।

सेवा और समर्पण की गौरवशाली विरासत का जश्न मनाते हुए मध्य भारत एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने एक विशेष डाक टिकट का अनावरण किया। अपने संबोधन में जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने मध्य भारत एरिया के 200 गौरवशाली वर्ष पूरे होने पर सभी रैंकों और उनके परिवारों को बधाई दी।