आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीयू) में हंगामा करने, अपमानजन शब्दों के प्रयोग व शासकीय कार्य में बांधा पहुंचाने के मामले में महाकोशल लॉ स्टूडेंट एसोशिएसन के अध्यक्ष सहित तीन पर सिविल लाइन पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। दरअसल, सोमवार की दोपहर करीब 2 बजे एसोशिएसन के पदाधिकारी अध्यक्ष के नेतृत्व में विश्वविद्यालय पहुंचे थे। कुलगुरू कक्ष के बाहर प्रदर्शन कर रहे एसोसिएशन पदाधिकारियों को जब पुलिस हटाने पहुंची तो उनकी झड़प हो गई। लेकिन इसके बाद भी पुलिस बल ने उन्हें विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से बाहर कर दिया। मगर एसोसिएशन के कार्यकर्ता मामने को तैयार नहीं थे। उन्होने ने मुख्य प्रवेश द्वार पर खड़े हो विश्वविद्यालय के कुलगुरू सहित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके चलते विश्वविद्यालय कैंपस में काफी देर तक हंगामें की स्थिति बनी रही।
मुख्य गेट में चल रहे प्रदर्शन के चलते अन्य लोगो को प्रवेश नहीं मिल पा रहा था। सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि RDVV कुलगुरु ने शिकायत सिविल लाइन पुलिस थाने को सौंपी थी। जिसमें बताया गया है कि लॉ एसोशिएसन के छात्र अंकुश चौधरी, रोहित कुरील,रविन जैन द्वारा 24 जून की दोपहर अपनी अनुचित मांगो की पूर्ति हेतु विश्वविद्यालय परिसर के अंदर आकर अपमानजनक शब्दो का प्रयोग करते हुए शासकीय कार्य मे बाधा पहुंचाई गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि पूर्व में भी उक्त छात्रों द्वारा अनेक बार विश्वविद्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचायी गई। जिसकी सूचना समय-समय पर पुलिस प्रशासन को दी गई थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन की लिखित शिकायत पर पुलिस ने लॉ एसोशिएशन अध्यक्ष अंकुश चौधरी, रोहित कुरील व रबिन जैन के विरूद्ध अपराध धारा. 294,353,34 के तहत के अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। उल्लेखनीय है कि प्रदर्शन के दौरान वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर एनएसएस के स्वयंसेवकों द्वारा मुख्य प्रशासनिक भवन के समक्ष रक्तदान शिविर का आयोजन चल रहा था। वहीं विश्वविद्यालय में 18 से 20 जुलाई के मध्य नैक पियर टीम का आगमन होना है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर समस्त विश्वविद्यालय विभिन्न स्तर पर अपनी तैयारियों में लगा हुआ है।

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