आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। 12 जुलाई को एयर मार्शल संजीव घुराटिया वीएसएम, एसएमएसओ मुख्यालय एमसी आईएएफ का जबलपुर आगमन होने जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत एयर मार्शल घुराटिया आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) में चल रहे उत्पादन कार्यो का अवलोकन करेंगे। आपको बता दें कि एयर मार्शल संजीव घुराटिया का जबलपुर से भी गहरा नाता रहा है। एयर मार्शल घुराटिया की स्कूली शिक्षा जबलपुर के पंडित लज्जा शंकर झा (माडल) स्कूल में हुई थी। वहीं जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के वे पास आउट हैं। इस लिहाजा से उनका जबलपुर आगमन कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना (एयरफोर्स) को युद्ध के मैदान में ताकत देने में एक बार फिर जबलपुर में स्थित आयुध निर्माणियां अहम भूमिका होगी। एयरफोर्स ने आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) और आयुध निर्माणी जबलपुर (ओएफजे) को घातक बम बनाने का बल्क आर्डर दिया है। एयरफोर्स जबलपुर में बनने वाले बमों का उपयोग सुखोई और जगुआर जैसे फाइटर प्लेन में करेगी। एयरफोर्स ने करीब तीन सालों के लिए बमों के उत्पादन का आर्डर दिया है।
आयुध निर्माणी जबलपुर (ओएफजे) को सुखोई और जगुआर फाइटर प्लेन के लिए ढ़ाई क्निवटल के घातक बमों के खोल तैयार करने के आर्डर दिए गए हैं। यंत्र इंडिया लिमिटेड को एयरफोर्स से कंपनी को जम्बो आर्डर मिला है। ओएफजे को तीन साल में 4 हजार से अधिक 250 केजी बम खोल तैयार करने होंगे। इसके साथ ही 120 केजी एरियल बम बॉडी का भी उत्पादन में होगा। जिसके बाद बम खोलों को बारूद भरण (फिलिंग) के लिए आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) में होगा। इस लिहाजा से ओएफके की अहम भूमिका होगी। यही कारण है कि एयर मार्शल खुद उत्पादन प्रक्रिया की बारिखियों को समझने ओएफके आ रहे हैं।

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