आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। त्यौहारों के सीजन में आम जनता को दूषित और मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचाने के लिए जबलपुर प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुवार को राजस्व और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शहर के तीन प्रमुख ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस दौरान साऊथ सिविल लाईन स्थित 'सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट' में भारी अनियमितताएं और अमानवीय स्तर की गंदगी पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

बाथरूम के पानी से बन रहा था खाना, रेलवे में होती थी सप्लाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता ने बताया कि शिकायत के आधार पर साऊथ सिविल लाईन स्थित सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट और उसके किचन की आकस्मिक जांच की गई थी। निरीक्षण के दौरान अधिकारी भी स्थिति देखकर हैरान रह गए। रसोई में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में खाना बनाया और स्टोर किया जा रहा था। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि खाना बनाने और सब्जियां धोने के लिए बाथरूम के पानी का उपयोग किया जा रहा था।
रेस्टोरेंट संचालक ने स्वीकार किया कि इसी किचन से खाना तैयार कर ट्रेन यात्रियों के लिए रेलवे में फूड पैकेट्स सप्लाई किए जाते थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिया गया और रेस्टोरेंट को सील कर दिया गया। मौके से पनीर, दाल और चावल के सैंपल भी जांच के लिए लिए गए हैं।

न्यू केशरवानी और मधु कलश स्वीट्स से लिए गए सैंपल 
अभियान के तहत टीम ने शहर के दो अन्य नामचीन मिष्ठान भंडारों पर भी दबिश दी। न्यू केशरवानी स्वीट्स (ग्वारीघाट) से नारियल बर्फी और मगज के लड्डू के सैंपल लिए गए। वहीं मधु कलश स्वीट्स (रामपुर) से आटा लड्डू और पेड़ा के सैंपल संग्रह किए गए।

भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जानकारी दी कि गुरुवार को जब्त किए गए सभी खाद्य पदार्थों के नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लैब से जांच रिपोर्ट आते ही संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्यौहारों के दौरान मिलावटखोरी और अस्वच्छता के खिलाफ यह विशेष चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।